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ऋषिकेश। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को और अधिक संगठित, सुरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तराखंड पर्यटन सचिव ने ऋषिकेश में राफ्टिंग ऑपरेटरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में राफ्टिंग उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और इसे व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।

 

बैठक के दौरान राफ्टिंग ऑपरेटरों ने अपनी समस्याएं और सुझाव खुले तौर पर साझा किए। पर्यटन सचिव ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उद्योग को अधिक संगठित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राफ्टिंग और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही दिशा में विकसित करने की आवश्यकता है।

 

बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। सबसे पहले गंगा नदी राफ्टिंग (GNR) से संबंधित मामलों को सुलझाने के लिए इसके पुनर्गठन पर सहमति बनी। इसके तहत एक सप्ताह के भीतर टिहरी की जिलाधिकारी सुश्री नितिका खंडेलवाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राफ्टिंग उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर निर्णय लिया जाएगा।

 

इसके अलावा, नदी तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कई ऑपरेटरों ने शिकायत की कि नदी तक जाने वाले संपर्क मार्गों की हालत ठीक नहीं है, जिससे पर्यटकों और संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस पर निर्णय लिया गया कि वन विभाग के साथ समन्वय कर इन मार्गों की स्थिति सुधारने और बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए भी अहम फैसला लिया गया। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) द्वारा राफ्टिंग ऑपरेटरों और उनके स्टाफ के लिए नियमित रूप से फर्स्ट-एड और सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

 

बैठक में मौजूद राफ्टिंग ऑपरेटरों ने इन पहलों का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे राज्य में राफ्टिंग और साहसिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा उद्योग से जुड़े लोगों के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने के प्रयास की सराहना भी की।

 

अंत में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार और पर्यटन विभाग मिलकर उत्तराखंड को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बैठक को राफ्टिंग उद्योग के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।


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