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देहरादून में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चकराता विधानसभा क्षेत्र से पहुंचे भाजपा नेताओं ने कैबिनेट मंत्री खजान दास के सरकारी आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए संचालित योजनाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं का आरोप है कि चकराता विधानसभा क्षेत्र में एससी और एसटी वर्ग के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों के बजाय विपक्ष से जुड़े कार्यकर्ताओं को दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। नेताओं ने मांग की कि योजनाओं से संबंधित मौजूदा सूची की समीक्षा की जाए और कथित तौर पर गलत तरीके से शामिल किए गए नामों पर कार्रवाई की जाए।

भाजपा कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन के कारण सरकार और पार्टी संगठन के सामने भी असहज स्थिति पैदा होती दिखाई दी। खास बात यह रही कि विरोध प्रदर्शन किसी विपक्षी दल की ओर से नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया।

धरना दे रहे नेताओं ने साफ किया कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक मौजूदा सूची को स्थगित नहीं किया जाता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि एससी-एसटी योजनाओं के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर स्थानीय स्तर पर उठ रहे असंतोष को भी सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और पार्टी संगठन इस विरोध को लेकर क्या कदम उठाते हैं।


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