देहरादून। राजधानी देहरादून में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल सामने आई है। राजेंद्र नगर स्थित चेरी किड्स विद्यालय द्वारा 8 अगस्त को “पेड़ मत काटो, ग्रीन दून को ग्रीन दून रहने दो” के संदेश के साथ एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य शहर में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई के प्रति लोगों को सचेत करना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाना था।
रैली में विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। बच्चों के हाथों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आकर्षक पोस्टर और स्लोगन थे, जिनमें “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ”, “हरियाली है तो खुशहाली है” जैसे संदेश प्रमुख रूप से शामिल थे। इन नन्हे बच्चों ने अपनी मासूम अपील के जरिए लोगों को पेड़ों की अहमियत समझाने का प्रयास किया।
रैली का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन कैप्टन सुनील खुराना और प्रिंसिपल श्रीमती प्रिया खुराना ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रीन रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां एक स्वच्छ और हरित वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें।
रैली विद्यालय परिसर से शुरू होकर ओएनजीसी चौक तक पहुंची। इस दौरान बच्चों ने पूरे मार्ग में नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक किया। राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने भी बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और कई लोग रैली के संदेश से प्रेरित होते नजर आए। बच्चों का उत्साह और उनके द्वारा दिए गए संदेशों ने हर किसी का ध्यान आकर्षित किया।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी रैली में सक्रिय रूप से भाग लिया और बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे रैली शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से संपन्न हो सकी।
इस जागरूकता रैली के माध्यम से विद्यालय ने स्पष्ट संदेश दिया कि पेड़ केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने का साधन नहीं हैं, बल्कि वे हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पेड़ हमें स्वच्छ हवा, छाया और जीवनदायी वातावरण प्रदान करते हैं। यदि हम आज पेड़ों की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाले समय में इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
