देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय संगठन में हुए बदलाव में उत्तराखंड को भी अहम प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी की नई केंद्रीय टीम में प्रदेश से जुड़े चार नेताओं को जगह मिलने से उत्तराखंड भाजपा में उत्साह का माहौल है। संगठन में मिली इन जिम्मेदारियों को प्रदेश की राजनीतिक अहमियत और राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के नेताओं के बढ़ते प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को लेकर है। उन्हें भाजपा की केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। निशंक पहले भी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और केंद्र में मंत्री के तौर पर भी काम कर चुके हैं। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी उनका नाम शामिल है।
वहीं, उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को पार्टी के मीडिया से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व की कमान सौंपी गई है। बलूनी लंबे समय से भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया तंत्र में सक्रिय रहे हैं। भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख के रूप में संबोधित किया गया है।
बलूनी की नई जिम्मेदारी को संगठन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के संदेश को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने में मीडिया विभाग की भूमिका अहम होती है। ऐसे में उत्तराखंड के नेता को यह जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के लिए भी बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
नई टीम में उत्तराखंड के अन्य नेताओं को भी जगह मिली है। इससे प्रदेश भाजपा में यह संदेश गया है कि केंद्रीय नेतृत्व उत्तराखंड के नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में लगातार महत्व दे रहा है। पार्टी के लिए यह प्रतिनिधित्व इसलिए भी अहम है क्योंकि उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं।
हालांकि, नई केंद्रीय टीम में दुष्यंत कुमार गौतम को जगह नहीं मिलने को भी महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। गौतम लंबे समय तक उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं और संगठन के स्तर पर प्रदेश की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हालिया समय तक वे उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी के तौर पर सक्रिय रहे हैं।
गौतम को केंद्रीय टीम से बाहर किए जाने के बाद पार्टी के भीतर इसे संगठनात्मक फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी नेता को नई जिम्मेदारी नहीं मिलने का अर्थ हमेशा राजनीतिक रूप से महत्व कम होना नहीं होता। भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां समय-समय पर बदली जाती रही हैं और नेताओं को अलग-अलग भूमिकाओं में लगाया जाता है।
कुल मिलाकर भाजपा की नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को स्थान मिलना प्रदेश संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भूमिका और अनिल बलूनी को मीडिया की जिम्मेदारी मिलने से उत्तराखंड की मौजूदगी भाजपा के केंद्रीय संगठन में और मजबूत होती दिखाई दे रही है।
