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देहरादून। उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए दुष्यंत गौतम को प्रदेश प्रभारी के पद से हटा दिया है। पार्टी ने अब वरिष्ठ नेता राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा संगठन स्तर पर तैयारियों को तेज कर रही है।

 

दुष्यंत गौतम लंबे समय से उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वर्ष 2024 में केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें लगातार दूसरी बार प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी। उस समय सह प्रभारी रेखा वर्मा को भी दोबारा यह दायित्व सौंपा गया था।

 

हालांकि, अगस्त 2026 में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के दौरान दुष्यंत गौतम को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी नहीं दी गई। इसके बाद उत्तराखंड में प्रदेश प्रभारी का पद भी खाली हो गया था। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि पार्टी नए प्रदेश प्रभारी के लिए संगठनात्मक अनुभव और चुनावी रणनीति की समझ रखने वाले नेता पर विचार कर रही थी।

 

अब राम माधव को उत्तराखंड की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद प्रदेश भाजपा संगठन में नई दिशा और रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राम माधव भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। उनके सामने उत्तराखंड में पार्टी संगठन के समन्वय के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी।

 

उत्तराखंड भाजपा पहले ही मिशन-2027 को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है। हाल की प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों में हारी हुई विधानसभा सीटों पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने, युवाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटाने पर चर्चा हुई है।

 

प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठन आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटा है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी के बदलाव को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

राम माधव के सामने अब प्रदेश नेतृत्व, सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ भाजपा के चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, दुष्यंत गौतम के कार्यकाल के बाद प्रदेश प्रभारी के तौर पर यह बदलाव भाजपा के उत्तराखंड संगठन में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।


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