पिथौरागढ़ के सीमांत धारचूला से इस वक्त की बड़ी खबर है। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास देर रात पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और बोल्डरों की चपेट में आने से वैली ब्रिज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुल टूटने के बाद दारमा, व्यास और चौदास घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। इससे सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ-साथ यात्रियों, श्रद्धालुओं और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
जानकारी के मुताबिक, घटना देर रात करीब दो बजे की है। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर नीचे आ गिरे। मलबे की चपेट में कुलागाड़ का वैली ब्रिज आ गया और देखते ही देखते पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल टूटने के बाद धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए हैं।
वैली ब्रिज टूटने का सबसे ज्यादा असर तीन सीमांत घाटियों—दारमा, व्यास और चौदास—पर पड़ा है। इन क्षेत्रों के लोगों का धारचूला तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क बाधित हो गया है। जरूरी सामान की आपूर्ति और दैनिक जरूरतों से जुड़ी आवाजाही भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों के सामने तहसील मुख्यालय और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रास्ता बंद होने के बाद कुछ राहगीर जान जोखिम में डालकर नदी पार करते नजर आए। तेज बहाव और लगातार बारिश के बीच नदी पार करना बेहद खतरनाक है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में यह कोशिश जानलेवा भी साबित हो सकती है।
उधर, गुंजी और कुटी की ओर पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालु भी मार्ग बाधित होने के कारण रास्ते में फंस गए हैं। वैली ब्रिज टूटने से सीमांत क्षेत्र की ओर जाने वाली आवाजाही रुक गई है और श्रद्धालुओं को अब मार्ग खुलने का इंतजार है।
कुलागाड़ का यह मार्ग सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जाता है। पुल टूटने से सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। हालांकि एसडीआरएफ, एसएसबी और सेना के जवान मौके पर मौजूद हैं और लोगों की सुरक्षित आवाजाही में मदद कर रहे हैं।
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि देर रात करीब दो बजे पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने के कारण कुलागाड़ स्थित वैली ब्रिज टूट गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। आवाजाही सुचारु करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का काम किया जा रहा है। एसडीआरएफ, एसएसबी और सेना के सहयोग से लोगों की सुरक्षित आवाजाही कराई जा रही है। साथ ही एनएच-9 को जल्द सुचारु करने के प्रयास जारी हैं।
फिलहाल प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार निगरानी कर रही हैं। संबंधित विभागों को वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ जल्द से जल्द सड़क संपर्क बहाल करने की बड़ी चुनौती है।
कुलागाड़ में टूटा वैली ब्रिज इस समय तीन सीमांत घाटियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। दारमा, व्यास और चौदास घाटी का संपर्क कटा है, श्रद्धालु रास्ते में फंसे हैं, राहगीर जोखिम लेकर नदी पार कर रहे हैं और सेना की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि एनएच-9 पर आवाजाही कब तक बहाल हो पाती है।
