देहरादून/चमोली। चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुसने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय टनल के भीतर काम कर रहे कई मजदूर मलबे और पानी के बीच फंस गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में करीब नौ मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य के अब भी लापता होने की सूचना है।
घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। टनल के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। मलबा हटाने और सुरंग के अंदर पहुंच बनाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। बचाव दल की प्राथमिकता टनल में फंसे और लापता मजदूरों तक पहुंचना है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भी मौके पर पहुंचने की संभावना है। प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती टनल के भीतर जमा मलबे और पानी को हटाकर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाना है।
यह परियोजना पहले भी हादसे को लेकर चर्चा में रही है। पिछले साल 31 दिसंबर की देर रात इसी निर्माणाधीन परियोजना की सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं। उस समय सुरंग में 100 से अधिक लोग काम कर रहे थे। हादसे में करीब 60 अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था।
उस दुर्घटना के बाद सुरंग में लंबे समय तक निर्माण कार्य प्रभावित रहा था। अब एक बार फिर इसी परियोजना की टनल में हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन की नजर लापता मजदूरों की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका के बीच बचाव दल लगातार टनल के भीतर अभियान चला रहे हैं।
