उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक हालात गंभीर बने हुए हैं। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, जबकि भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग जनपद में भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर हालात की समीक्षा की और सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों, गदेरों और बरसाती नालों से दूर रहने की सख्त अपील की है।
लगातार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के सिरोबगड़ क्षेत्र में लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है, जिससे मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। हालांकि प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। केदारनाथ यात्रा पर भी जिला प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
ऋषिकेश में नीलकंठ महादेव मार्ग पर मौनी गांव के पास भूस्खलन शुरू हो गया है। पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों और मलबे को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को एहतियातन रोक दिया गया है। प्रशासन और मंदिर समिति की टीम मौके पर तैनात है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर लौटाया जा रहा है। हालात सामान्य होने के बाद ही आगे की आवाजाही बहाल की जाएगी।
हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। हरिद्वार-ऋषिकेश चिल्ला मार्ग पर बीन नदी में अचानक पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित हुआ है। तेज बहाव के बीच नदी पार करने की कोशिश करते लोगों के वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए लोगों से ऐसे जोखिम भरे कदम न उठाने की अपील की है।
वहीं हरिद्वार के बैरागी कैंप क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया, जब तेज बहाव के बीच एक वाहन नदी में फंस गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से काफी मशक्कत के बाद वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना ने भी बरसाती नदियों के खतरे को उजागर कर दिया है।
प्रदेशभर में जारी बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मानसून अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
