उत्तराखंड में चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल संभव, 3-4 जिलों के DM बदलने की चर्चा तेज
देहरादून: विधानसभा चुनाव 2027 से पहले धामी सरकार प्रशासनिक मशीनरी में बदलाव की तैयारी में जुटी है। संभावित तबादला सूची में IAS और PCS अधिकारियों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी। जिलाधिकारियों के साथ ADM, SDM और CDO स्तर पर भी फेरबदल के संकेत, शासन स्तर पर कुछ विभागों की जिम्मेदारियां बदलने पर भी विचार।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक हलचल तेज होने लगी है। प्रदेश की धामी सरकार अधिकारियों की संभावित तबादला सूची को लेकर शासन स्तर पर होमवर्क कर रही है। इस बार सरकार का विशेष ध्यान फील्ड में तैनात अधिकारियों पर रहने की चर्चा है। माना जा रहा है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और चुनाव से पहले जिलों में कामकाज की समीक्षा के उद्देश्य से अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक संभावित तबादलों को लेकर आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है।
चर्चाओं के मुताबिक, इस कवायद में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। लंबे समय से एक ही पद या स्थान पर तैनात अधिकारियों के कार्यकाल की समीक्षा के साथ जिलों में प्रशासनिक समन्वय बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है।
तीन से चार जिलों में बदल सकते हैं जिलाधिकारी
संभावित तबादला सूची में सबसे अधिक चर्चा जिलों में होने वाले बदलावों को लेकर है। माना जा रहा है कि प्रदेश के तीन से चार जिलों में जिलाधिकारियों (DM) की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। इसके अलावा अपर जिलाधिकारी (ADM), उपजिलाधिकारी (SDM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) स्तर पर भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
यदि ऐसा होता है, तो इसका असर जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है। जिलाधिकारी जिले में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की निगरानी, आपदा प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभाते हैं। वहीं, ADM और SDM स्तर के अधिकारी स्थानीय प्रशासनिक कामकाज और जनसमस्याओं के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में चुनाव से पहले जिलों में अधिकारियों की तैनाती को लेकर शासन की कवायद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किन जिलों में बदलाव होगा और किन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलेगी, इसकी पुष्टि आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।
तीन साल से अधिक समय से तैनात अधिकारियों पर नजर
तबादलों की संभावित प्रक्रिया में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों का कार्यकाल भी समीक्षा के दायरे में रह सकता है। चर्चा है कि तीन साल से अधिक समय से एक ही पद या स्थान पर काम कर रहे अधिकारियों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होंगे। चुनाव से जुड़े अधिकारियों के कार्यकाल और तैनाती की समीक्षा संबंधित नियमों के अनुसार की जाती है। हालांकि, तीन साल की अवधि का नियम प्रत्येक अधिकारी और पद पर एक समान लागू नहीं होता। इसकी पात्रता संबंधित जिम्मेदारी, चुनावी भूमिका और आयोग के निर्देशों के आधार पर तय होती है।
शासन स्तर पर भी बदल सकती हैं जिम्मेदारियां
फील्ड अधिकारियों के साथ शासन में तैनात कुछ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। चर्चाओं के अनुसार, कुछ बड़े विभागों में कार्यभार के बंटवारे और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के लिए चुनिंदा अधिकारियों के विभाग बदले जा सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल व्यापक स्तर पर बदलाव के बजाय कुछ महत्वपूर्ण विभागों तक फेरबदल सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है। इसका उद्देश्य विभागीय कामकाज को गति देना और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना हो सकता है।
चुनाव से पहले प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। मतदाता सूची से जुड़े कार्य, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की निगरानी और चुनावी तैयारियों में जिला स्तर के अधिकारियों की अहम जिम्मेदारी होती है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और जनसमस्याओं का समाधान भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
इसी वजह से संभावित तबादला सूची को लेकर चर्चाएं तेज हैं। शासन स्तर पर चल रही कवायद अंतिम निर्णय तक पहुंचती है, तो जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व से लेकर शासन के कुछ विभागों तक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल अधिकारियों के नाम और तबादलों की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। संभावित सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि धामी सरकार प्रशासनिक मशीनरी में किन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपती है और किन जिलों में नेतृत्व परिवर्तन किया जाता है।
