प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान एनएचएम के प्रबंध निदेशक (एमडी) सहित विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन की स्थिति और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनएचएम के तहत संचालित सभी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचे। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
समीक्षा बैठक के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर को कम करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मानव संसाधन प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता और उनकी तैनाती को संतुलित और आवश्यकता के अनुरूप बनाया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सुबोध उनियाल ने विशेष रूप से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और उनके क्रियान्वयन की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को जनोन्मुखी बनाने के लिए फीडबैक तंत्र को भी मजबूत किया जाए, ताकि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
अंत में उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान दें, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
