नई दिल्ली। दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों और उत्तराखंड से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधाओं को लेकर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंडवासियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय मुख्यमंत्री के सामने रखे और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
मुलाकात के दौरान सांसद अनिल बलूनी ने दिल्ली परिवहन व्यवस्था में उत्तराखंड के प्रमुख शहरों को बेहतर तरीके से जोड़ने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रामनगर, ऋषिकेश और कोटद्वार के लिए आधुनिक लग्जरी डीटीसी बस सेवा शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली आते-जाते हैं। ऐसे में आधुनिक और सुविधाजनक बस सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
बलूनी ने दिल्ली में संचालित गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी अकादमियों को और अधिक मजबूत किए जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकभाषाएं, लोकगीत, लोककला और सांस्कृतिक परंपराएं राज्य की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। दिल्ली में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग रहते हैं, ऐसे में इन अकादमियों को पर्याप्त सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराकर लोकभाषाओं और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
बैठक में दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। सांसद ने भवन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने और इसके बेहतर उपयोग की दिशा में आवश्यक सहयोग का आग्रह किया। गढ़वाल भवन दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंडवासियों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
मुलाकात के बाद अनिल बलूनी ने कहा कि उत्तराखंडवासियों की सुविधाओं के साथ-साथ उनकी लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषयों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष रखा गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों को सकारात्मक रूप से सुना और इन विषयों पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया।
बस सेवा, लोकभाषा अकादमियों और गढ़वाल भवन से जुड़े इन प्रस्तावों को लेकर अब आगे की प्रक्रिया और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। इन पहलों से दिल्ली में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों की परिवहन, सांस्कृतिक और सामुदायिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने की दिशा में कदम आगे बढ़ सकता है।
