देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं के सपनों और विचारों को विकास की दिशा से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विकसित उत्तराखंड का संकल्प गूंजा। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर से जुड़े विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पलायन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण और कौशल विकास समेत विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति उत्तराखंड के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, सोच और रचनात्मकता को सही दिशा देकर विकसित उत्तराखंड के निर्माण की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में प्रदेश और देश का नेतृत्व करेंगे। इसलिए उनके विचारों और सुझावों को विकास की नीतियों में महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध और अपने विचार भेजे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके निबंधों में उत्तराखंड के भविष्य को लेकर संवेदनशीलता, जागरूकता और सकारात्मक सोच दिखाई देती है।
पलायन और रोजगार पर विद्यार्थियों ने रखे विचार
संवाद के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन के विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने पलायन को इसलिए विषय बनाया, क्योंकि इसे उन्होंने स्वयं महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं माना जा सकता। बाहर जाकर पढ़ाई, प्रशिक्षण और अनुभव हासिल करने से युवाओं को बेहतर अवसर और एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में माताओं और बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर रोजगार और अवसरों के विस्तार की जरूरत बताई। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक गांव, जिला और राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े।
छात्रा तमन्ना ने कहा कि पहाड़ों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता है। उनके विचार ‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार’ की मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने युवाओं से कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, संकल्प मजबूत होना चाहिए और युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं और रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया भी दिखाई दे रही है। सरकार का प्रयास है कि गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाकर युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में लोगों का भरोसा बढ़ाने से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें लक्ष्य में बदलने का आह्वान किया।
इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और चारधाम यात्रा को स्थानीय रोजगार से जोड़ने के सुझाव दिए। वहीं छात्र मुकेश कुशवाहा ने गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी व्यवस्था और स्कूल स्तर पर कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का भारत और उत्तराखंड युवाओं के सपनों, मेहनत और संकल्प से आकार लेगा। युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री को अपनी बनाई चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी शिक्षक अंकुश को सम्मानित किया गया। रुद्रप्रयाग में निबंध प्रतियोगिता में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सपनों और सुझावों को गंभीरता से लेकर आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का उत्तराखंड होगा और इसके निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक युवा की भूमिका अहम होगी।
