देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी यूकेएसएसएससी की वर्ष 2016 की वीपीडीओ परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 10 सितंबर 2026 को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उत्तराखंड में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी और निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई।
ईडी के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 1.28 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, बैंक बैलेंस और अन्य कीमती सामान जब्त या फ्रीज किया गया है। कार्रवाई में महंगी घड़ियां, सोने के सिक्के और आभूषण भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद सामान में एक महंगी क्रोनोग्राफ घड़ी भी शामिल है, जिसकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।
2016 की वीपीडीओ परीक्षा से जुड़ा मामला
यह कार्रवाई यूकेएसएसएससी की वर्ष 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी यानी वीपीडीओ परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है। परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद मामले की जांच की गई थी। आरोपों में परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और ओएमआर शीट से संबंधित गड़बड़ियां भी शामिल थीं। बाद में इस परीक्षा को निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराई गई।
ईडी ने इसी मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच शुरू की है। जांच एजेंसी की कार्रवाई केवल 2016 की वीपीडीओ परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यूकेएसएसएससी की अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में भी कथित अवैध धन के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
पेपर लीक और पैसों के लेनदेन की जांच
जांच के दौरान कथित तौर पर यह सामने आया कि भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पैसे लेकर पहुंचाने का नेटवर्क सक्रिय था। ईडी की पिछली जांच में ऐसे मामलों में लाखों रुपये के कथित लेनदेन की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी ने कुछ मामलों में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के एवज में करीब 10 से 15 लाख रुपये तक लिए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया था।
अब चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों में हुई कार्रवाई को इसी वित्तीय जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। ईडी द्वारा जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों, बैंक खातों, नकदी तथा अन्य कीमती सामान के स्रोत की जांच की जाएगी। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इन संपत्तियों और रकम का संबंध कथित भर्ती अनियमितताओं से है या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
ईडी की कार्रवाई के बाद मामले में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
हालांकि, किसी व्यक्ति के ठिकाने से नकदी, संपत्ति या अन्य सामान की जब्ती अथवा बैंक बैलेंस फ्रीज होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
10 सितंबर की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे होने वाली जांच और ईडी के संभावित खुलासों पर नजर बनी हुई है। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एजेंसी को चंदन सिंह जीना से जुड़ी संपत्तियों और कथित भर्ती अनियमितताओं के बीच क्या वित्तीय संबंध मिलते हैं।
