देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। इस विवाद के बीच मंत्री रेखा आर्य ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। वीडियो में वह भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है। उनके मुताबिक, इस ऑडियो में उनके वैवाहिक जीवन और समर्पण पर सवाल उठाए गए हैं, जिससे उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा पहुंची है।**
रेखा आर्य ने कहा कि इस पूरे मामले ने उन्हें बेहद आहत किया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें ऐसी तकलीफ महसूस हुई, जिसे उन्होंने हृदयघात जैसी पीड़ा बताया। मंत्री के अनुसार, परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस में तहरीर देने का निर्णय लेना पड़ा।
बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस में दी तहरीर
मंत्री रेखा आर्य ने अपने वीडियो में स्पष्ट किया कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के पीछे उनके बच्चों की सुरक्षा की चिंता भी एक अहम वजह है। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो के जरिए उनके निजी जीवन को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं, जिससे वह काफी आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा, “इस ऑडियो ने मुझे झकझोर दिया है। मेरे वैवाहिक जीवन पर प्रश्न लगा दिया है। इस ऑडियो को सुनकर मुझे हृदयघात की पीड़ा के साथ यह निर्णय लेना पड़ा। मुझे पुलिस में तहरीर देनी पड़ी, अपने बच्चों की रक्षा के लिए।”
उनके इस बयान के बाद ऑडियो विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। हालांकि, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
महिलाओं से घरेलू अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
वीडियो में रेखा आर्य ने केवल अपने मामले तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि महिलाओं को भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिला चाहे आम हो या किसी बड़े पद पर आसीन हो, उसे घरेलू अत्याचार नहीं सहना चाहिए। महिलाओं को अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
मंत्री ने कहा, “महिला आम हो या खास हो, घरेलू अत्याचार ना सहना है, बल्कि उसे कहना है।”
उनका यह संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब वायरल ऑडियो को लेकर उनके निजी जीवन और सार्वजनिक भूमिका पर चर्चा हो रही है। रेखा आर्य ने अपने बयान के माध्यम से महिलाओं को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
संविधान के प्रति कर्तव्य निभाने की कही बात
रेखा आर्य ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा संविधान को साक्षी मानकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। उनके बयान से स्पष्ट है कि वह इस विवाद को लेकर अपनी भावनाएं सार्वजनिक रूप से सामने रखना चाहती हैं।
फिलहाल, वायरल ऑडियो और मंत्री की ओर से पुलिस में दी गई तहरीर को लेकर मामला चर्चा में बना हुआ है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बहस छेड़ दी है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
