देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार एक बार फिर रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों का पिटारा खोलने जा रही है। इसी क्रम में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) दिसंबर से पहले विभिन्न विभागों में करीब ढाई हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस पहल को युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है, साथ ही इसे चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
आयोग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 2477 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया दिसंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी। इन पदों में स्केलर, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, स्नातक स्तरीय विज्ञान वर्ग के पद, पुलिस, आबकारी और परिवहन विभाग के वर्दीधारी पद शामिल हैं। इसके अलावा संस्कृत विभाग में सहायक अध्यापक और सहायक विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद भी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल होने का मौका मिलेगा।
इसके साथ ही आयोग उन पदों की लिखित परीक्षाएं भी आयोजित करने जा रहा है, जिनके लिए पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दिसंबर तक लगभग 1470 पदों के लिए परीक्षाएं कराने की योजना बनाई गई है। इनमें वैयक्तिक सहायक, पशुधन प्रसार अधिकारी, विभिन्न तकनीकी पद, सहायक लेखाकार, कृषि विभाग के इंटरमीडिएट स्तर के पद तथा विभिन्न विभागों के स्नातक स्तरीय पद शामिल हैं। इस प्रकार वर्ष 2026 के अंत तक करीब चार हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंचने की उम्मीद है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि आयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योग्य युवाओं को बिना किसी देरी के रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए सभी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित और तेज बनाया जा रहा है।
धामी सरकार अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में पहले ही रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा रिकॉर्ड बना चुकी है। अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। सरकार इसे अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है। वर्ष 2024 में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, जिससे युवाओं का भरोसा बढ़ा है और परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज हुई है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनावी साल में सरकार रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से सामने रखकर युवाओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। लगातार भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह बेरोजगारी को कम करने के लिए गंभीर है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले दिन से ही बेरोजगारी की समस्या को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को अवसर मिल सकें।
कुल मिलाकर, चुनावी वर्ष में सरकार की यह पहल न केवल रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम है, बल्कि यह युवाओं के बीच भरोसा कायम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे प्रदेश में रोजगार को लेकर नई उम्मीद जगी है और बड़ी संख्या में युवा इस भर्ती प्रक्रिया का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
