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देहरादून। उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच Vote Vibe का ताजा सर्वे सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री पद की पसंद और संभावित वोट शेयर को लेकर जनता की राय सामने रखी गई है। सर्वे के आंकड़ों में मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद के तौर पर मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे नजर आ रहे हैं, जबकि वोट शेयर के मामले में भी भाजपा कांग्रेस से आगे दिखाई गई है।

सर्वे के मुताबिक, जब लोगों से पूछा गया कि “क्या आपने तय कर लिया है कि आप किसे वोट देंगे?”, तो 52.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने पूरी तरह अपना मन बना लिया है। वहीं 25.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने फैसला तो कर लिया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया है। 14.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने अभी तय नहीं किया है, जबकि 7.1 प्रतिशत लोगों ने इस सवाल पर अपनी राय नहीं बताई।

धामी CM की पहली पसंद

सर्वे में जनता से पूछा गया कि “आपकी राय में उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए?” इस सवाल के जवाब में पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे रहे। उन्हें 28.2 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 23.3 प्रतिशत समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के ही गणेश गोदियाल को 16.6 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। भाजपा के अनिल बलूनी को 10.6 प्रतिशत और त्रिवेंद्र सिंह रावत को 4.8 प्रतिशत लोगों ने अगला मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में राय दी।

उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के सुरेंद्र सिंह कुकरेती को 1.4 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद किया। वहीं 15.1 प्रतिशत लोगों ने इस सवाल पर कोई स्पष्ट राय नहीं दी और “कह नहीं सकते” विकल्प चुना।

वोट शेयर में BJP आगे

सर्वे में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर लोगों से यह भी पूछा गया कि “आप किस पार्टी या गठबंधन को वोट देंगे?” इसके जवाब में भाजपा 40.9 प्रतिशत वोट शेयर के साथ सबसे आगे दिखाई गई है। कांग्रेस को 36.7 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान सर्वे में सामने आया है।

वहीं उत्तराखंड क्रांति दल को 8.6 प्रतिशत वोट शेयर मिलता दिखाया गया है। बसपा के खाते में 1.6 प्रतिशत और आम आदमी पार्टी को 1.3 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया गया है। अन्य क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को 1.3 प्रतिशत वोट शेयर मिलता दिखाया गया, जबकि 9.6 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत

उत्तराखंड की राजनीति में अब तक मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जाता रहा है। हालांकि 2027 के चुनाव को लेकर सामने आए इस सर्वे में UKD को 8.6 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान एक नए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा करता है। यदि चुनाव तक यह रुझान कायम रहता है तो मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के साथ तीसरे राजनीतिक विकल्प की मौजूदगी से प्रभावित हो सकता है।

हालांकि यह सर्वे चुनाव से काफी पहले सामने आया है और चुनावी माहौल आने वाले महीनों में बदल सकता है। ऐसे में सर्वे के आंकड़ों को मौजूदा समय में जनता के रुझान के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि चुनाव परिणाम की निश्चित भविष्यवाणी के रूप में।


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