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हल्द्वानी। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 11 अगस्त को हुई सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस धार्मिक अनुष्ठान को बिना तथ्यों का सत्यापन किए ‘छुआछूत’ और अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध के तौर पर प्रस्तुत किया। शिकायत के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

 

शिकायतकर्ता ने खुद को करीब 26 वर्षीय और जवाहर नगर कॉलोनी, वार्ड नंबर 15, हल्द्वानी निवासी बताया है। उनके अनुसार वह अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) समुदाय से हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन समिति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 11 अगस्त को रामलीला मैदान में हुई सफाई और धार्मिक अनुष्ठान में वह स्वयं मौजूद थे और इसमें अनुसूचित जाति के अन्य लोग भी सहभागी थे।

 

शिकायत में कहा गया है कि रामलीला मैदान लंबे समय से भगवान श्रीराम की रामलीला और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का स्थल रहा है। स्थानीय समाज के लिए इस मैदान की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा महत्वपूर्ण है।

 

शिकायतकर्ता के मुताबिक 8 अगस्त को इसी मैदान में कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शिकायतकर्ता ने मैदान और मंच का निरीक्षण किया। उनका आरोप है कि वहां बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा और शराब की खाली बोतलें पड़ी थीं। शिकायत में कुछ बोतलों में आपत्तिजनक सामग्री मिलने का भी दावा किया गया है। इसके फोटो और वीडियो पुलिस को साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

 

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कार्यक्रम से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध हैं, जिनमें कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इससे रामलीला मैदान की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा को ठेस पहुंची और स्थानीय लोगों तथा समिति के सदस्यों में नाराजगी पैदा हुई।

 

इन परिस्थितियों के बाद 11 अगस्त को रामलीला मैदान की सफाई की गई और धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से हवन-शुद्धिकरण अनुष्ठान कराया गया। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि इस पूरी कार्रवाई का किसी व्यक्ति की जाति से कोई संबंध नहीं था। उनके अनुसार इसमें वह स्वयं, जो वाल्मीकि समुदाय से हैं, और अनुसूचित जाति के अन्य लोग भी शामिल थे।

 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद राहुल गांधी ने 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना को अलग रूप में पेश किया और संबंधित लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की सार्वजनिक मांग की। शिकायत में कहा गया है कि इससे शिकायतकर्ता को सार्वजनिक रूप से ‘छुआछूत करने वाला’ और ‘दलित विरोधी’ बताए जाने से सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बनी।

 

मामले में पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(q)(s) और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 196 व 299 के तहत FIR दर्ज की है। अब मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध कराए गए फोटो-वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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