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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में एक नया इतिहास रच दिया है। 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से लेकर 4 जुलाई 2026 तक उन्होंने लगातार 5 वर्ष यानी 1826 दिनों का निर्बाध कार्यकाल पूरा कर लिया है। इसके साथ ही धामी राज्य में भारतीय जनता पार्टी के किसी भी मुख्यमंत्री के मुकाबले सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर बने रहने वाले नेता बन गए हैं।

 

पुष्कर सिंह धामी का पहला कार्यकाल 4 जुलाई 2021 से शुरू हुआ था, जो 23 मार्च 2022 तक चला। इस दौरान उन्होंने राज्य की कमान ऐसे समय संभाली जब उत्तराखंड राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था। धामी ने अपने पहले कार्यकाल में कई त्वरित निर्णय लेते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को स्थिर करने और विकास योजनाओं को गति देने का प्रयास किया।

 

इसके बाद 23 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दिलचस्प बात यह रही कि चुनाव में व्यक्तिगत हार के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद उपचुनाव जीतकर उन्होंने विधानसभा में वापसी की और अपने नेतृत्व को और मजबूत किया।

 

दूसरे कार्यकाल में धामी सरकार ने राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में पहल, नकल विरोधी कानून, लैंड जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर सख्त रुख, और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार जैसे कई फैसले उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिने जाते हैं।

 

इसके अलावा, धामी सरकार ने उत्तराखंड को निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े आयोजनों के माध्यम से उद्योगों को आकर्षित करने का प्रयास किया। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी कई परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनका उद्देश्य राज्य के समग्र विकास को गति देना रहा।

 

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, धामी का यह लंबा और निरंतर कार्यकाल उनके नेतृत्व कौशल, संगठन के साथ बेहतर तालमेल और फैसले लेने की क्षमता को दर्शाता है। भाजपा के भीतर भी उन्हें एक मजबूत और भरोसेमंद चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।

 

उत्तराखंड जैसे छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में लगातार पांच वर्षों तक सत्ता में बने रहना किसी भी नेता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। धामी का यह रिकॉर्ड न केवल उनके राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक नया मानक स्थापित करता है।

 

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि धामी सरकार अपने इस अनुभव और निरंतरता का उपयोग करते हुए राज्य के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाती है। फिलहाल, 5 वर्षों का यह ऐतिहासिक कार्यकाल उनके नाम एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।


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