देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपनी ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। रावत ने साफ कर दिया है कि उनकी यात्रा का सिलसिला रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों से मिलना, उनका आभार व्यक्त करना और जनसंवाद करना उनके लिए बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने ईडी और बीजेपी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और कथित दुष्प्रचार का जवाब देने की भी बात कही है।
हरीश रावत ने कहा कि पिछले कुछ समय के दौरान वह गंभीर रूप से बीमार रहे। बीमारी के दौरान उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और लंबे समय तक इलाज चला। उन्होंने बताया कि वह मेदांता अस्पताल की आईसीयू में भी कई दिन रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनकी कुशलक्षेम पूछने और उनका हाल जानने के लिए पहुंचे।
रावत के मुताबिक, अनुमानतः करीब 20 से 22 हजार से अधिक भाई-बहन उनसे मिलने या उनकी कुशलक्षेम पूछने पहुंचे। उन्होंने कहा कि इन लोगों के स्नेह, आशीर्वाद और शुभकामनाओं ने उन्हें गंभीर बीमारी से उबरने की ताकत दी। यही वजह है कि स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सकीय सलाह के बावजूद वह उत्तराखंड लौट आए और अब सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनका धन्यवाद कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी बीच ईडी और बीजेपी की ओर से पैदा किए गए माहौल ने उनके आत्मसम्मान को भी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने डॉक्टर की राय का उल्लंघन करते हुए उत्तराखंड आने का फैसला किया, क्योंकि उनके लिए अपने लोगों के बीच जाना और उन्हें धन्यवाद देना ज्यादा महत्वपूर्ण था।
रावत ने सवाल उठाया कि ईडी को जवाब कैसे दिया जाए और बीजेपी के कथित दुष्प्रचार का जवाब किस तरह दिया जाए। उन्होंने कहा कि वह सीधे उन्हीं लोगों के बीच जाना चाहते हैं, जिनके आशीर्वाद से वह गंभीर बीमारी से उबरकर दोबारा उत्तराखंड लौट सके हैं।
अपनी यात्रा के दौरान तिरंगा हाथ में रखने को लेकर भी हरीश रावत ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि तिरंगा उनके हाथ में जरूर है, लेकिन उन्होंने अपनी यात्रा को किसी भी तरह पार्टी का कार्यक्रम नहीं बनाया है। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उनके कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
रावत ने कहा कि वर्षों से उनके साथ जुड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भी उन्हें दोबारा सड़कों और गलियों में लोगों के बीच देखना उत्साह का विषय है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का स्नेह और उत्साह स्वाभाविक है और वह इसके लिए उनके भी आभारी हैं।
हरीश रावत ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब ईडी से भी लड़ना है और बीजेपी से भी राजनीतिक लड़ाई लड़नी है। उनके मुताबिक, चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए उनका संकल्प भी उतना ही मजबूत है।
जसपुर से हल्द्वानी तक जारी रहेगा जनसंवाद
हरीश रावत ने कहा कि ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ के इस दौर में अब रुकने का सवाल नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आह्वान करते हुए कहा कि उठना है, चलना है और राज्य में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ना है। उन्होंने कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने का भी संकल्प दोहराया।
इसी क्रम में आज हरीश रावत जसपुर से हल्द्वानी तक कई स्थानों पर अपनी यात्रा के माध्यम से लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से संवाद करेंगे, उनका आभार जताएंगे और उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
रावत की इस यात्रा को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की सक्रियता से जोड़कर भी देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में हरीश रावत का यह अभियान आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत में कितना असर डालता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
