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अल्मोड़ा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बार यह सीट महिलाओं के लिए आरक्षित घोषित की गई है, और इसके बाद से ही भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आगामी 14 अगस्त को होगा।

अल्मोड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट महिला आरक्षित घोषित होते ही भाजपा ने हेमा गैड़ा को और कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की बहू सुनीता कुंजवाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। हालांकि अभी दोनों ही पार्टियों की ओर से आधिकारिक घोषणा होना बाकी है, लेकिन पार्टी स्तर पर रणनीतियां बन चुकी हैं।

दोनों ही दल जानते हैं कि अध्यक्ष पद की कुर्सी तक पहुंचने के लिए निर्दलीय सदस्यों का समर्थन जरूरी है। इसी वजह से भाजपा और कांग्रेस ने निर्दलियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है और उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर दोनों ही दलों में चिंता बनी हुई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वालों की संख्या अधिक रही है। ऐसे में भीतरघात की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि दोनों दलों के वरिष्ठ नेता अपने-अपने असंतुष्ट नेताओं को मनाने में जुटे हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि हेमा गैड़ा पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी होंगी और उन्हें जिताने के लिए पार्टी पूरी ताकत झोंक रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की जीत सुनिश्चित है।
वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज ने कहा कि सुनीता कुंजवाल कांग्रेस की एकमात्र प्रत्याशी हैं और पार्टी का पूरा समर्थन उनके साथ है। उन्होंने भी निर्दलियों के साथ संवाद बनाए जाने की पुष्टि करते हुए कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया।

राजनीतिक समीकरणों और निर्दलीय सदस्यों की भूमिका को देखते हुए आगामी 14 अगस्त को होने वाला जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव बेहद रोचक और संघर्षपूर्ण होने जा रहा है। दोनों ही प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा इस चुनाव से जुड़ी हुई है, ऐसे में हर मोर्चे पर सियासी दांव-पेच चलाए जा रहे हैं।


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