हल्द्वानी। उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चोरगलिया आमखेड़ा जिला पंचायत सीट से निर्दलीय प्रत्याशी लीला बिष्ट ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया है। उन्होंने भाजपा समर्थित उम्मीदवार अनीता बेलवाल को भारी मतों से हराकर न केवल पार्टी को झटका दिया, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव की नई लकीर भी खींच दी है।
जैसे ही चुनाव परिणाम घोषित हुआ, लीला बिष्ट के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। चारों ओर जीत का जश्न और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए लीला बिष्ट ने कहा, “यह केवल मेरी नहीं, पूरे क्षेत्र की जनता की जीत है। मैं इस भरोसे के लिए अपने पति अर्जुन बिष्ट और क्षेत्रवासियों की आभारी हूं, जिन्होंने मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत की।”
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता चोरगलिया और गौलापार क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करना और जनसमस्याओं का पारदर्शी तरीके से समाधान करना होगा। “मैं वादा करती हूं कि लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरने की पूरी कोशिश करूंगी,” उन्होंने कहा।
गौरतलब है कि भाजपा ने इस सीट पर अनीता बेलवाल को मैदान में उतारा था, जो पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश बेलवाल की पत्नी हैं। उन्हें एक मजबूत प्रत्याशी माना जा रहा था, लेकिन जनता ने इस बार निर्दलीय नेतृत्व पर भरोसा जताया और पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को नकारते हुए लीला बिष्ट को विजयी बनाया।
इस जीत को राजनीतिक विश्लेषक क्षेत्रीय राजनीति में नए विमर्श की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं, जहां दलगत सीमाएं कमजोर हो रही हैं और जनता योग्य प्रत्याशी को महत्व दे रही है।
