हल्द्वानी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर सपेरा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और बर्तन बरामद किए हैं। यह गिरोह हल्द्वानी और मुखानी क्षेत्र में बंद घरों को निशाना बनाकर लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के अनुसार पहला मामला 1 मई 2026 को कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र में सामने आया, जब हरिपुर मोतिया निवासी मनोज कुमार जोशी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बंद घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए गए।
इसके अलावा 30 अप्रैल 2026 को मुखानी क्षेत्र में भी घर का लॉक तोड़कर नगदी, पायल, घड़ी और अन्य सामान चोरी किए जाने की शिकायत दर्ज हुई थी।
दोनों मामलों के खुलासे के लिए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल और क्षेत्राधिकारी अमित सैनी के पर्यवेक्षण में कोतवाली और मुखानी पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय पूछताछ से संदिग्धों की पहचान हुई। आरोपी हरिद्वार नंबर की बाइक से इलाके में घूमते और बंद घरों की रैकी करते पाए गए।
लगातार जांच और निगरानी के बाद पुलिस ने 9 मई 2026 को बेल बाबा मंदिर हल्द्वानी के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान प्रदीपनाथ उर्फ मंदीप, गुरविंदर और रोहितास उर्फ पोपे उर्फ बासु के रूप में हुई है।
तलाशी में पुलिस ने उनके पास से सोने-चांदी के हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, पायल, चैन, कटोरे और अन्य कीमती सामान बरामद किया, जिनकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हरिद्वार से आते हैं और सपेरे का काम करते हैं। घूमने के बहाने नैनीताल आए और टीपी नगर हल्द्वानी क्षेत्र में होटल में रुककर बंद घरों की रेकी करते थे, जिसके बाद वारदात को अंजाम देते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गुरविंदर के खिलाफ रायपुर और डोईवाला थानों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।
