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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राज्य के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने नौकरी दिलाने, कंपनी रजिस्ट्रेशन कराने और सरकारी कामों में मदद के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है।

राजपुर थाना पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान आर. यशोवर्धन के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां और वायरलेस सेट समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को कभी आईपीएस अधिकारी, कभी सेना का अधिकारी, तो कभी रॉ और सीआरपीएफ का सदस्य बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। वह अपनी बातों और वर्दी के जरिए लोगों का विश्वास जीत लेता और फिर उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाकर पैसे ऐंठ लेता था।

इस मामले में पहला मुकदमा 8 जुलाई को दर्ज हुआ, जब डाकरा बाजार निवासी एक युवक ने शिकायत दी कि आरोपी ने उसकी दिवंगत मां के नाम पर कंपनी रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ले लिए। आरोपी ने होटल में मुलाकात कर खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए भरोसा दिलाया और रकम हड़प ली।

इसके बाद 15 जुलाई को एक महिला वैज्ञानिक ने भी शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का वादा किया और फर्जी दस्तावेज दिखाकर 4.60 लाख रुपये ले लिए। इन दोनों मामलों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए हैं।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने यह रास्ता अपना लिया। उसने फर्जी पहचान बनाकर खुद को अलग-अलग केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताना शुरू कर दिया और इसी के जरिए लोगों को ठगने लगा।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 5 फर्जी आईडी कार्ड, 8 विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना से जुड़े 25 लोगो, तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया है। पुलिस इन सभी सामानों की फॉरेंसिक जांच कराएगी।

फिलहाल पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। आशंका है कि उसने कई अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस आरोपी के झांसे में आया हो तो वह सामने आकर शिकायत दर्ज कराए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में और धाराएं जोड़ी जाएंगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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