उत्तराखंड में इस साल मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है। चमोली जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में इन दिनों लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे वहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है।
प्रदेशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में तीन जून तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
पौड़ी जिले के द्वारीखाल विकासखंड में गुरुवार रात हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। क्षेत्र में बिजली और मोबाइल नेटवर्क सेवाएं ठप हो गईं, जिससे बैंक, पोस्ट ऑफिस और इंटरनेट आधारित सेवाएं प्रभावित रहीं। सिलोगी और चेलुसैंण क्षेत्रों में नेटवर्क बाधित होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारी बारिश के कारण देवीखेत मोटर मार्ग भी अवरुद्ध हो गया।
लैंसडौन क्षेत्र में भी कई जगह पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं कोटद्वार और भाबर क्षेत्र के करीब 70 गांवों में रातभर चली आंधी और तूफान से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
उधर, रुड़की क्षेत्र में तेज आंधी ने आम उत्पादकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं के चलते बड़ी संख्या में कच्चे और पके आम जमीन पर गिर गए, जिससे बाग स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई जगहों पर पेड़ों की शाखाएं भी टूट गईं। शुक्रवार सुबह बागों में बिखरे आम देखकर किसानों और बाग मालिकों के चेहरों पर मायूसी साफ नजर आई।
