देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी साकेत बडोला ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने का ऐलान किया है। वर्तमान में साकेत बडोला कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक (डायरेक्टर) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने कई महीनों तक गंभीर विचार-विमर्श करने के बाद व्यक्तिगत कारणों से भारतीय वन सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का निर्णय लिया है। उनके इस ऐलान के बाद वन विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
साकेत बडोला ने अपने संदेश के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि VRS लेने का निर्णय व्यक्तिगत कारणों से लिया गया है। हालांकि, उन्होंने अपने संदेश में इसके पीछे किसी अन्य कारण या विवाद का उल्लेख नहीं किया है।
साधारण परिवार से अखिल भारतीय सेवा तक का सफर
साकेत बडोला ने अपने सेवाकाल को याद करते हुए बताया कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में मां विंध्यवासिनी और बाबा नीलकंठ की पावन धरती से ताल्लुक रखने वाले एक साधारण परिवार के व्यक्ति के लिए प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवा में शामिल होना किसी सपने के साकार होने से कम नहीं था।
उन्होंने कहा कि आज जब वह अपने लंबे और संतोषजनक सेवाकाल को पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें उन तमाम अवसरों के लिए गहरा आभार महसूस होता है, जिनके माध्यम से उन्हें जनता की सेवा करने, प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण में योगदान देने तथा देश की जमीनी चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर मिला।
वन्यजीव संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में योगदान की इच्छा
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक के रूप में कार्यरत साकेत बडोला ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने पूरे सेवाकाल के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वह इसी भावना के साथ काम करते रहेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देते रहेंगे।
उन्होंने अपने सेवाकाल के अनुभवों को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम करने के अवसरों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके संदेश से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी सेवा से अलग होने का निर्णय लेने के बावजूद देश और समाज के लिए योगदान देने की उनकी भावना बनी हुई है।
हालांकि, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उनकी भविष्य की भूमिका क्या होगी, इस बारे में उन्होंने फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
सरकार, वनकर्मियों और जनता का जताया आभार
साकेत बडोला ने अपने संदेश में उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सेवाकाल में उनका सहयोग किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जिन-जिन सरकारों के साथ काम किया, उनके प्रति कृतज्ञता जताई। इसके साथ ही उन्होंने अपने सहकर्मियों, वन विभाग के कर्मचारियों, परिवार, मित्रों और आम जनता के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि उन्हें सेवाकाल के दौरान लोगों का अपार सहयोग, अनगिनत आशीर्वाद और निस्वार्थ प्रेम मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी उन्हें लोगों का ऐसा ही स्नेह और समर्थन मिलता रहेगा।
फिलहाल, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला के VRS लेने के ऐलान ने वन विभाग से जुड़े लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कब से प्रभावी होगी और इस संबंध में शासन स्तर पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
