उत्तराखंड में मंगलवार सुबह से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार समेत कई जिलों में भारी वर्षा के चलते भूस्खलन, जलभराव और यातायात अवरोध की स्थिति बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 13 जिलों के लिए 1 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है।
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग, जो एक प्रमुख तीर्थयात्रा मार्ग है, स्याना चट्टी के पास भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। मार्ग अवरुद्ध होने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
आईएमडी के अनुसार, आगामी दिनों में भारी वर्षा के साथ गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। खासकर देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, पौड़ी और उत्तरकाशी जैसे जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है।
मौसम विभाग ने अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी जिलों में 1 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने निवासियों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान देने की अपील की है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
