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उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) के सीमांत नीती घाटी स्थित मेहरगांव में बुधवार रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने फायर ब्रिगेड, पुलिस और आईटीबीपी को राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर भेजा।

मेहरगांव, जो चीन के कब्जे वाले तिब्बत बॉर्डर के पास नीती घाटी में मलारी गांव से करीब 4 किलोमीटर आगे स्थित है, अचानक लगी आग से तबाह हो गया। राहत और बचाव टीम जब मलारी के लोगों की मदद से गांव में पहुंची तो वहां भीषण आग लगी थी। घरों में रखी लकड़ियों ने आग पकड़ ली और 4 से 5 मकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। आग कैसे लगी, इसका स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

सर्दियों के कारण मेहरगांव में इस समय लोग नहीं रहते। उच्च हिमालय में बसा यह गांव ठंड के छह महीनों के दौरान खाली हो जाता है। जल स्रोत जम जाते हैं और जीवन यापन कठिन हो जाता है। गर्मियों में लोग रिवर्स माइग्रेशन कर अपने गांव लौटते हैं। इस कारण देर रात लगी आग से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है।

जोशीमठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि रात करीब 9 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर सर्विस, पुलिस और आईटीबीपी को मौके पर भेजा गया और आग को कड़ी मशक्कत के बाद बुझा लिया गया। आग से घरों में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और जरूरी दस्तावेज नष्ट हो गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने और नुकसान की भरपाई के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


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