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उत्तराखंड में फर्जी शिक्षकों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। विभागीय जांच में अब तक एक के बाद एक ऐसे शिक्षक सामने आए हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की। इन शिक्षकों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया था, और उनके जवाब मिलने के बाद उच्च अधिकारी अब मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर नौ और शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की संभावना है।

अब तक कुल 40 शिक्षक सस्पेंड हो चुके हैं, जबकि एक शिक्षक ने खुद त्यागपत्र दे दिया था। गत वर्ष प्राथमिक शिक्षा विभाग ने डीएलएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए सहायक अध्यापक की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। ऊधमसिंह नगर जिले में इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 309 पदों पर नियुक्ति निकाली गई थी।

इस प्रक्रिया में 40 ऐसे शिक्षक नियुक्त हुए थे जिन्होंने यूपी से डीएलएड किया था। मेरिट सूची में आने पर उन्हें शपथपत्र के आधार पर तुरंत परिवीक्षा पर नियुक्ति दी गई। बाद में दोनों राज्यों के स्थायी निवास प्रमाणपत्र की जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर उन पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हुई।

वर्तमान में विभाग ने करीब 12 और फर्जी शिक्षकों को पकड़ लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि इन शिक्षकों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाबों की जांच के बाद दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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