ऊधमसिंहनगर पुलिस ने ऑपरेशन लंगड़ा के तहत दो शातिर अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। दोनों बदमाश हत्या और फायरिंग की घटनाओं में वांछित चल रहे थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से दोनों घायल हो गए
19 अगस्त 2025 को ग्राम दरऊ निवासी शमी पुत्र अकरम ने अपने भाई आलिम की गोली मारकर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में साजिद समेत अन्य आरोपियों को नामजद किया गया था। इसी दिन मीना पत्नी जुनैद ने भी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गुलनवाज और अन्य 23 लोग उसके घर में घुसे, फायरिंग की और मोबाइल व सात हजार रुपये लूटकर फरार हो गए
इन दोनों मामलों में नामजद आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस की छह अलग-अलग टीमें रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक दबिश देती रहीं लेकिन आरोपी गिरफ्त से बाहर रहे।
रविवार शाम को गुप्त सूचना पर किच्छा पुलिस टीम ने ग्राम दरऊ के पॉपलर खेत में दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में साजिद खान पुत्र लिताफत खान और गुलनवाज पुत्र मोहम्मद अकील खान को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पैरों में गोली लगी। उन्हें पहले किच्छा अस्पताल और फिर रुद्रपुर रेफर किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचे और कारतूस बरामद किए।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में चलाए गए इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि अपराधियों के लिए ऊधमसिंहनगर में कोई जगह नहीं है। मिश्रा ने साफ कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
ऑपरेशन लंगड़ा’ की सफलता ने न केवल किच्छा पुलिस बल्कि पूरे जिले के पुलिस बल का मनोबल बढ़ा दिया है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से आम लोगों में भी भरोसा जगा है कि पुलिस किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शने वाली नहीं है।
