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उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत सोमवार को रामनगर के शंकरपुर मतदान केंद्र पर उस समय हंगामा हो गया, जब स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट और ड्यूटी पर तैनात दरोगा राजवीर नेगी के बीच तीखी बहस हो गई। मामला उस वक्त गर्मा गया जब विधायक ने दरोगा पर मतदाताओं से अभद्र व्यवहार और उन्हें डराने-धमकाने का आरोप लगाया।

विधायक दीवान सिंह बिष्ट का आरोप है कि दरोगा सुबह से ही मतदाताओं को बूथ से भगा रहे थे और विशेष रूप से बुजुर्गों से अभद्रता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आचरण पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश प्रतीत होती है। उनका कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित लग रहा है। उन्होंने दरोगा को तत्काल हटाने की मांग करते हुए कहा कि मतदाता बिना भय के मतदान कर सकें, यह पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

घटना की सूचना मिलने पर चुनाव के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम प्रमोद कुमार, क्षेत्राधिकारी सुमित पांडे और कोतवाल अरुण कुमार सैनी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बूथ पर सुबह अधिक भीड़ होने के कारण दरोगा ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतदाताओं को कुछ निर्देश दिए थे। हालांकि, यदि दरोगा द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

विधायक ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से भी की और स्पष्ट कहा कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।


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